नई दिल्ली: लोकसभा में आज वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। स्वतंत्रता आंदोलन में इस देशभक्ति गीत की अहम भूमिका और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को केंद्र में रखकर होने वाली यह बहस दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की जाएगी। चर्चा के लिए कुल 10 घंटे का समय तय किया गया है।
सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अनुराग ठाकुर, बिप्लब देव, बांसुरी स्वराज, संबित पात्रा, तेजस्वी सूर्या, संतोष पांडे और सौमित्र खान सहित कई भाजपा सांसद अपने विचार रखेंगे। वहीं विपक्ष की तरफ से गौरव गोगोई, प्रियंका वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, विमल अकोइजम, प्रणिती शिंदे, प्रशांत पडोले, चमाला रेड्डी और ज्योत्सना महंत इस चर्चा में हिस्सा लेंगे।
चर्चा के दौरान सदन में तीखी बहस की आशंका है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के हालिया बयान को लेकर पहले ही राजनीतिक तापमान बढ़ चुका है। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि 1937 में उसने वंदे मातरम् के प्रमुख छंद हटाकर विभाजन के बीज बोने का काम किया। इसी मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस चर्चा से पहले ही आमने–सामने आ चुके हैं।
भाजपा प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने भी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधते हुए दावा किया कि नेहरू ने मुस्लिम समुदाय के ‘इरिटेट’ होने की आशंका जताते हुए वंदे मातरम् की कई पंक्तियाँ हटवाई थीं और उनके शब्दार्थ समझने के लिए शब्दकोश तक देखना पड़ा था।
माना जा रहा है कि सरकार इस बहस के माध्यम से कांग्रेस, विशेषकर नेहरू युग के फैसलों पर राजनीतिक हमला तेज करने की रणनीति में है।